Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

मैं जब भी लिखती हूँ,।

Pandit Vishal Mishra 30 Jan 2025 शायरी अन्य #main jab likhta hu #Vishal Mishra 31967 0 Hindi :: हिंदी

मैं जब भी लिखती हूँ, बेशुमार लिखता हूँ।
कभी किसी की ख्वाहिश, कभी इज़हार लिखता हूँ।
मैं नये सपनों का खुमार लिखता हूँ,
कभी मंज़िल, कभी रास्ते, कभी इंतज़ार लिखता हूँ।

कभी अपनों में पराया, कोई किरदार लिखता हूँ,
कभी बिक जाते लोगों का, नया व्यापार लिखता हूँ।
कभी मुट्ठी भर दुनिया, कभी संसार लिखता हूँ।
मैं जब भी…
              .. पंडित विशाल मिश्र ।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

मेरे नजर के सामने तुम्हारे जैसे बहुत है यहीं एक तू ही हो , मोहब्बत करने के लिए यह जरूरी तो नहीं read more >>
मीठी-मीठी यादों को दिल मैं बसा लेना जब आऐ हमारी याद रोना मत हँस कर हमें अपने सपनों मैं बुला लेना read more >>
दोस्ती करो तो धोखा मत देना दोस्तों को आंसुओ का तोहफ़ा मत देना दिल से रोए कोई तुम्हे याद करके ऐसा किसी को मौका मत देना।। दोस्ती तो सिर� read more >>
Join Us: