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ਮਾਂ ਬਣਨਾ ਆਸਾਨ ਨਹੀਂ ਜਦ ਖੁਦ ਮਾਂ ਬਣਨ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਹੋਈ ਤਾਂ ਪਤਾ ਲੱਗਾ ਮਾਂ ਬਣਨਾ ਆਸਾਨ ਨਹੀਂ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਮਹੀਨੇ ਬੁਖਾਰ ਚੜ੍ਹਨ ਚੱਕਰ ਆਉਣਾ ਮਨ ਉਪਰ ਥੱਲੇ ਹੋਵ read more >>
राहुल रोज बेड टी पीकर अपने सुबह की शुरुआत करता और ऑफिस के लिए निकलता ।उसके ऑफिस के रास्ते में एक मंदिर पड़ती राहुल हर रोज उस मंदिर के पा read more >>
शीर्षक ए. पी. जे. अब्दुल कलाम (अबुल पाकिर जैनुलअब्दीन अब्दुल कलाम) देश के सपूत थे, देश के लिये अटूट थे। भाई चारे का दिया सन्देश। कर गये ह� read more >>
लोगों की तुम सुनोगी तो जी न सकोगी जो दिल में आता है तुम ओ करो जी उनका तो बस काम है और काम ना दूजा बस बातें बनाना उनको आता है जी जो दिल म� read more >>
शीर्षक (सूरज) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) रोज सवेरे आते हो। हमको रोज जागते हो। नया सवेरा लाते हो। आलस्य दूर भगाते हो। ऊर्जा से भर ज� read more >>
में जानता हूँ की मुकम्मल इंशा भी नहीं हूँ , मगर हाँ वो कहती थी की में उसका खुदा हूँ. गिरजेश (Facebook page- learn film script writing in hindi) read more >>
शीर्षक (रोहित शर्मा) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) हिट हो तुम फिट हो तुम। सबसे जादा प्रसिद्ध हो तुम । रिकॉड पे रिकॉड है तुम्हारे नाम� read more >>
शीर्षक (अभी बाकी है) मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) सांसे रुकने को है,पर कुछ काम अभी बाकी है। यमराज से बोल देना थोड़ा रुक कर आये। क्योंकि read more >>
दोस्ती करो तो निभाओ, ना कोई बहाने बनाओ, पैसे ना सूरत से, दोस्त दिल से बनाओ। read more >>
हर ख्वाब पूरा नहीं होता, जीते रहते हैं उसकी चाहत में, अधूरा ख्वाब भी, आगे जीने की हिम्मत है देता। read more >>
ये जमाने के लोग समझ नहीं आते हैं,कभी कुछ कभी कुछ दिखते हैं, कहे किसे अपना, चेहरे पर चेहरा रंग बदलते रहते हैं। read more >>
नसीब का लेखा कोई भी मिटा नहीं सकता ऐ तो पहले से लिख दिया जाता है इसमें कोई सुधार नहीं हो सकता। धन्यवाद read more >>
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