"जनाब-
अद्भुत अचरज देखा हमने"!
"ए-तमाम-
मंदिर-मस्जिद-चर्च हमने"!
"ईश प्रेम में-
श्रद्धा और भक्ति को देखा"!!
"हमने-
सिर्फ मानव मात्र को दे� read more >>
एक लेखक का जीवन भी,
बड़ा कठिन होता है ।
न कोई, साथ देता है,
न कोई, काम देता है।
मेहनत कर लो, चाहे कितनी ही,
जेबें खाली, रह जाती हैं।
उसके हि� read more >>
#विधा:_दोहा छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत"
आता है सच सामने,मंथन जब हो तेज।
और दूध का दूध हो,मन में हो अंगेज।।
आता है सच सामने,वक्त रहे अ� read more >>