अब देखो न-
हाथ की लकीरें मिट गई,
याकि देखते-
देखते दृष्टि कम गई,,
तकाजा-ए-उम्र है-
जनाब, मौसम बदल गई,
उम्र घटती-
गई मोहब्बत बढ़ती गई....!!!!
-� read more >>
झाली रात माझ्या शब्दांची सात मग रॅप नेतो मला चांदण्यांच्या पार येय...
आज रॅप vice full broken heart देतो तुला feel जरा ये माझा पास
माझ्या भाषेच्या सौंद� read more >>
प्रेम से जिसने जग को मोह लिया,
आपने पिता के वचनों के खातिर,
राज -पाठ से भी मुंह मोड़ लिया,
14 वर्ष वनवास किया, हर कठिनाई से लड़ने का प्रयास � read more >>