एक डाल पर पल्लव,
उसी पर जरी पात है।
एक में जोश, दूजे में होश,
दोनों पर समय का हाथ है।
एक देखे उत्तर, दूसरा दक्षिण,
देखे नहीं एक दूजे को।
क� read more >>
(मुक्तक छंद)
मौसम आया है जवाँ,मन की आँखें खोल।
तुम भी बन जा अब जवाँ,हद में रहकर बोल।
मधुर मधुर फिर सृजन कर,सबसे कर पहचान_
अपनी सरल पहचान � read more >>
एक बार एक छोटे से गांव में एक फकीर रहता था। वह फकीर बड़ी मेहनती और सदभावना से भरा हुआ व्यक्ति था। उसके साथ एक तोता भी रहता था, जिसे वह बहु read more >>
एक बार एक छोटे से गांव में एक बहुत ही प्यारी और समृद्ध परिवार रहता था। इस परिवार में एक बूढ़े दादा और दादी, उनके बड़े बेटे और बहु, और एक छ� read more >>
एक बार एक छोटे से गांव में एक बहुत ही प्यारी और समृद्ध परिवार रहता था। इस परिवार में एक बूढ़े दादा और दादी, उनके बड़े बेटे और बहु, और एक छ� read more >>