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(शायरी) पग_पग पर इम्तिहान की लौ से गुजरना है, फिर भी मुस्कुराते हुए सबसे रूबरू हो रहा हूं। एतिबार कर के भी छलने वाले मिल जाते हैं, तब से read more >>
धर्म की व्याख्या करना कोई आसान काम नही है। जियो और जीने दो , स्वयं सुख से रहो और दूसरो को सुख से रहने दो बस यही समझने का आसान तरीका है। स� read more >>
आ लौट चली आ घर अपने है कद्र नही जिस नारी को,पति के सारे अरमानों की वह हो ना सकती है नारी,बस सिवा मूर्ति अपमानों की हाथों में थामा हाथ सम read more >>
(मुक्तक छंद) अपने जज्बातों को मैं यहां अंकित कर रहा हूं। मोती जैसे अल्फाजों से दास्तान लिख रहा हूं। जिन्दगी सु:ख_दुःख का एक अद्भुत संग read more >>
(दोहा छंद) जीवन जीना है कला, राह नहीं आसान। पग पग पर बाधा मिले, फिर भी बन इन्सान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(दे read more >>
(दोहा छंद) मंजिल मिले तलाश से,राह नहीं आसान। रात दिवस बीते सदा, मिलते सिर्फ निशान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपु� read more >>
(दोहा छंद) जन्म मरण के खेल का, राह नहीं आसान। मानव उत्तम योनियां,जिसमें भरे निदान ।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीप� read more >>
(दोहा छंद) जीवन में हैं कष्ट नित, राह नहीं आसान। सुख दुख को है झेलना, तब मिलते हैं मान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्ती read more >>
(दोहा छंद) प्राण संघर्ष पूर्ण है, राह नहीं आसान। फिर भी बुलन्द हौसला, से मिलती पहचान।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्त� read more >>
(कथन) भूख की तड़प से बच्चे खतरनाक बन सकता है, समाज के लिए बहुत ही घातक सिद्ध हो सकता है। इसलिए कहीं भी भूख की तड़प सबके लिए शर्म है। इसके read more >>
(कथन) भूख की तड़प मिटाने के लिए शिक्षा जरुरी है, बिन शिक्षा ये तड़प बरकरार रह सकता है। भूख की तड़प अभी भी होना शर्म की बात है, कहीं तो पर� read more >>
(कथन) विकास कि ऊंची उड़ान तो हम भरें हैं, लेकिन भूख की तड़प अभी भी यहां है। शिक्षा के अभाव में अभी भी कुछ दयनीय हैं। जो मानव समाज लिए घोर read more >>
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