(मुक्तक छंद)
बीते दिन वनवास के, बहुत उठाए कष्ट।
खुशी मिली तब राम को , दुष्टों का कर नष्ट।
धर्म ध्वज का जय हुआ, खुशी अयोध्या धाम_
प्रजा उत् read more >>
दुनिया में जिसकी जितनी समझ होगी वो उतना ही दूसरो को समझ पाएगा आप खुद के बारे में लोगो को समझा कर अपना वक़्त जाया ना करे जनाब - और सुनो सूरज read more >>
(मुक्तक छंद,)
भूल पर भूल वे करते आ रहें हैं ख़ुद को धोखा दे रहें हैं।
उसे अपनों में ही आन आड़े आ गया है उलझ रहें हैं।
पश्चाताप की आग में व� read more >>
काश हकीकत में अगर ये दिल खिलौना होता।
तो कोई भी सचमुच में कभी भी तोड़ देता।
पर दिल _दिल होता है कोई खिलौना तो नहीं:_
अगर सिर्फ़ ऐसा ही रह� read more >>