मुझे आज भी याद है कि जब में कक्षा १ या २ में रही हूंगी और मै बिल्कुल ऐसी ही थी जैसे सब बच्चे बचपन में होते है मनमौजी, अपनी ही धुन में।
एक द� read more >>
हवाएं भी बेरुखी सी थी और मौसम भी नाराज था
लग रहा था कि जैसे ये
मेरी तबाही का साज था
पर एक बादल घुमड़ कर ऐसा बरसा मुझ पर
कि मैने जाना ये त� read more >>
(मुक्तक छंद)
आयु गुलजार हो सदा, दुख से मत हो भेंट।
जीवन के हर मोड़ पर, बना रहूं हम सेंट।
खुशबू मय अपना जहां, अपनो का हो साथ_
हस्ते हस्ते पथ read more >>
(मुक्तक छंद)
दुख के दिन में साथ दूं, सुख के तो सब दोस्त।
मेरी यह है कामना,खिला रहे सब पोस्त।
खुशियां आए झूम कर, रौनक अपने साथ_
लब पर माधव न� read more >>
(मुक्तक छंद)
जीवन की सब कामना, पूरा कर लूं यार।
आओ मिलकर बैठ कर, बातें कर दो चार।
तुम्हारा कुछ मैं सुनूं, कुछ मेरा तुम लोग_
सुख दुख बांटू � read more >>
"मायका....
"अरे वाह..... रीना आज तो बड़ी प्यारी लग रही हो...
रक्षाबंधन वाले दिन सुधा अपने मायके से वापस आयी ही थी कि उसे रीना बाहर ही मिल गयी...
च read more >>