(मुक्तक छंद)
पहले जैसे अब कहां, प्यारे प्यारे लोग।
लगे हुए सब होड़ में,और बढ़े नव रोग।
संकट में ही सब दिखे,उमस भड़ी है बात_
अपना अपना सब क read more >>
एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में रामू नामक लड़का रहता था। वह गरीबी से लड़ रहा था और उसके परिवार को रोजगार नहीं मिल रहा था। रामू के पि� read more >>
मेरा दिल हर सितम सह लेता है जमाने का
न जाने क्यों ?
एक तुम्हारे सितम से दूर जाने
को जी चाहता है !
यह दिल है कि जमाने के दिए
कई गम दुनिया � read more >>
(मुक्तक छंद)
एक दौड़ था जब गम का मतलब भी नहीं था पता।
हर गम तकलीफ़ खुशियों का ही है लगता था पता।
कर्तव्यों के बेड़ी तले अब कटते हैं दिन र� read more >>