आजकल ना जाने क्यों ?
दिल में हकीकत, और उम्मीद. पर एक जंग जारी है l
दिल हकीकत से दूर भागता है। कुछ झूठी उम्मीदों की आशा करता है।
आशा ,निराश� read more >>
मुझे आज भी याद है कि जब में कक्षा १ या २ में रही हूंगी और मै बिल्कुल ऐसी ही थी जैसे सब बच्चे बचपन में होते है मनमौजी, अपनी ही धुन में।
एक द� read more >>
हवाएं भी बेरुखी सी थी और मौसम भी नाराज था
लग रहा था कि जैसे ये
मेरी तबाही का साज था
पर एक बादल घुमड़ कर ऐसा बरसा मुझ पर
कि मैने जाना ये त� read more >>