फिर कैसे मेरा भारत महान
100 में 99 है बईमान...
सच बताओ देशवासियों क्या
यही रह गई है हम सब की पहचान,
वैसे तो हर शख्स देता है,
भ्रष्टाचार के ख� read more >>
कविता = ( दिल्ली )
अंधी मूकबधिर अब हो गई दिल्ली !
दिल्ली का यह क्या हाल हो गया !!
असहाय, बेबस पिता लाचार हो गया !
पिता के ही सामने बेटा लाश ह read more >>