प्रिय!
इन बदलती हवाओं के रुख के!
साथ मैं भी कुछ बदलती जा रही हूं!
मैं भी समय के साथ कदम! मिलाकर कुछ दूर चलती जा रहा हूं !
पर यह न सोचना यह स� read more >>
कुछ देर तो बैठो मेरे पास कहने को कुछ भी नहीं है पर कुछ तो बोलो मेरे साथ सुनो कुछ ऐसा बोलो जिससे मन का दर्द भी कम हो जाए शब्दों के घाव भी मि read more >>