(दोहा छंद)
आए दिन बरसात के, बादल गरजे खूब।
देखें रिमझिम बूंद को, करें याद महबूब ।।
आए दिन बरसात के,नाचे वन में मोर।
कली कली अब खिल गई,प्र� read more >>
(दोहा छंद)
आओ सीखें कुछ नया, दें दें नव उपहार।
जगत सलामत दृढ़ रहे, हर दिल में हो प्यार।।
आओ सीखें कुछ नया, सारे गुण हो पास।
मान मिले गुणव� read more >>