[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
व्यवहार वह दर्पण है-जिसमें व्यक्ति का चरित्र प्रत्यक्ष दिखता है
व्यवहार वह दर्पण है जिसमें व्यक्ति, का चरित्र प्रत्यक्ष दिखता है..! चरित्रवान व्यक्ति कभी- किसी की निंदा नहीं करते..!! -मोती
read more >>
धोखों से पाला पड़ा- मजा हुआ नमकीन
(दोहा छंद) धोखों से पाला पड़ा, मजा हुआ नमकीन। अधरों तक ही रह गई,चमचम ख्वाब हसीन।। अधरों तक ही रह गई,सारे नव जज्बात। नित्य सितम से सामन�
read more >>
अधरों तक ही रह गई-दिल की वह मधु बात
(दोहा छंद) अधरों तक ही रह गई, दिल की वह मधु बात। करने से पहले वफा, करदी जानम रात।। अधरों तक ही रह गई,हुस्न परी का प्यार। किसी और की हो गई,ह�
read more >>
खुद को कर मजबूत तो-सपने हो मंसूब
(दोहा छंद) खुद को कर मजबूत तो,सपने हो मंसूब। मायावी संसार है,और सितम भी खूब।। मायावी संसार है,भाँति भाँति के रूप। माया से दुनिया चले,द�
read more >>
सारा जग परिवार है-,देते रहिए सुख्य
(दोहा छंद) सारा जग परिवार है,देते रहिए सुख्य। मायावी संसार है, प्रीत नीति है मुख्य।। मायावी संसार है, और सितम भी खूब। खुद को कर मजबूत त�
read more >>
मायावी संसार है-सबका अपना दाम
(दोहा छंद) मायावी संसार है,सबका अपना दाम। खुद को तुम अति योग्य कर,करिए सुंदर काम।। मायावी संसार है,गुर सब ले ले यार। और बता दे ज्ञान से,
read more >>
अधिकार के लिए प्रखर होना होगा
(कविता छंद) अधिकार के लिए प्रखर होना होगा, हड़प वाले को जवाब देना होगा। अभी भी वक्त है जागो मेरे दीन, आगे बढ़ो अपनी बातों को रखिए। चुप
read more >>
अपने मन को कोसते-उनकी यह है रीति दीनों तक पहुंची नहीं
(दोहा छंद) अपने मन को कोसते,उनकी यह है रीति। दीनों तक पहुंची नहीं, जीवन की सब प्रीति।। दीनोंं तक पहुंची नहीं,सुमन खुशी की आस। दोषी किस�
read more >>
दीनों तक पहुंची नहीं-जीवन की सब प्रीति
(दोहा छंद) बड़े बड़े होते चले,इनको मिले न मुक्ति। दीनों तक पहुंची नहीं, सब साधन की युक्ति।। दीनों तक पहुंची नहीं,जीवन की सब प्रीति। अप
read more >>
दिनों तक पहुंची नहीं-उनकी जो है चाह
(दोहा छंद) दीनों तक पहुंची नहीं,उनकी जो है चाह। खा जाते हैं बीच में, और दिखाए राह।। दीनों तक पहुंची नहीं, दिए हुए खैरात। लोकल नेता खा गए
read more >>
रहे सितारे दृढ़ सदा-झिलमिल रहती शांति
(दोहा छंद) रहे सितारे दृढ़ सदा,झिलमिल रहती शांति। अपनी अपनी धारणा,वैसी ही हो कांति।। अपनी अपनी धारणा, अपनी अपनी चाल। वैसा ही परिणाम ह�
read more >>
मिले खुशी तब आपको-जीवन भर हो प्यार
(दोहा छंद) मिले खुशी तब आपको, जीवन भर हो प्यार। अपनी अपनी धारणा,रखें हृदय उदगार।। अपनी अपनी धारणा,वैसी ही हो कांति। रहे सितारे दृढ़ सद
read more >>
« Previous
Next »
Showing
2065
to
2076
of
5649
results
‹
1
2
...
170
171
172
173
174
175
176
...
470
471
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder