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(दोहा छंद) डरना कभी न चाहिए, और रहें बन तीख। दुख से बचे न राम जी, हम सब लें यह सीख।। दुख से बचे न राम जी,जीवन का यह फेर। मिले खुशी हर हाल मे read more >>
(दोहा छंद) राजा हो या रंक हो,करिए कभी न अत्य। दुख से बचे न राम जी, जीवन का यह सत्य।। दुख से बचे न राम जी,जीवन का यह फेर। मिले खुशी हर हाल मे read more >>
(दोहा छंद) दुख से बचे न राम जी, वक्त बड़ा बलवान। सुख दुख आते ही रहे, देते रहते ज्ञान।। दुख से बचे न राम जी, सुख दुख से है प्राण। हारे कभी न read more >>
(कुंडलिया छंद) आओ मित्रों बैठ लूं,दिल से दिल लूं जोड़। चले न कोई जोर अब,कोई हमें न तोड़।। कोई हमें न तोड़,करे सलाम सब हमको। दुनिया में ह read more >>
(कुंडलिया छंद) आओ मित्रों बैठ लूं,दिल से दिल लूं जोड़। चले न कोई जोर अब,कोई हमें न तोड़।। कोई हमें न तोड़,करे सलाम सब हमको। दुनिया में ह read more >>
(दोहा छंद) रिमझिम सी बरसात में,मुझे हुआ है प्यार। चले न कोई जोर अब,सुन लो यह दिलदार।। बड़ी बड़ी है आँख दो,सूरत है चितचोर। दीवाना मैं ह� read more >>
(दोहा छंद) आओ मित्रों बैठ लूं,दिल से दिल लूं जोड़। चले न कोई जोर अब,कोई हमें न तोड़।। रिमझिम सी बरसात में,मुझे हुआ है प्यार। चले न कोई ज� read more >>
(दोहा छंद) बेकाबू जब मन रहे,चले न कोई जोर। देते रब को दोष तब,रखे भावना चोर।। चले न कोई जोर तब,मन की जब हो बात। पहले ही हम भाँप कर,कर लेते ख read more >>
(रोला छंद) चले न कोई जोर, करे मन हरदम अपना। फिर भी अपनी सोच, पूर्ण करना है सपना।। रखता सदा विवेक,तभी रहता मन काबू। चलता अपनी राह, कहे मुझक read more >>
(मुक्तक छंद) मोहन खेले रंग हो,राधा रानी साथ। अनुपम उलफत है यहां,हाथों में ले हाथ। रहे याद मय रंग यह,जीवन दिव्य पुनीत_ सभी अदावत भूल कर,र read more >>
(मुक्तक छंद) कलाकार वो खूब,रहे जिसमें दृढ़ मस्ती। जाऊं उसमें डूब,मगर डूबे मत कस्ती। रखूं जिया में लाज,रहूं दुनिया में मिलके_ संगी दुश read more >>
( मुक्तक छंद ) जीवन के अब यार क्यों, बिगड़ गए सुर ताल। आओ कुछ मंथन करें,करिए खत्म बवाल। महँगाई की मार से,कमर गई है टूट_ खोए अपने में सभी,बढ� read more >>
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