[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
मां से ही ज्योति-करो प्रेम की वृष्टि
माँ तेरे उपकार से, जीवन में है प्यार। महिमा तेरी खूब है,जाने सब संसार।। माँ तेरे उपकार से,ज्योति युक्त है सृष्टि। रहे धरा गुलजार नित,�
read more >>
दुनिया विराजमान मां तेरे उपकार से
माँ तेरे उपकार से, जीवन में है प्यार। महिमा तेरी खूब है,जाने सब संसार।। माँ तेरे उपकार से,ज्योति युक्त है सृष्टि। रहे धरा गुलजार नित,�
read more >>
पुष्प भरे हैं प्यार-निभा रही किरदार
चिड़िया बैठी डाल पर, पवन बहे हैं मस्त। सभी जीव आनंद में,सबका दुख है अस्त।। चड़िया बैठी डाल पर, पुष्प भरे हैं प्यार। नव चाहत मन में लिए,�
read more >>
झाँझर मेरा दिल हुआ-संकट सब ही पार
भोली सूरत देखकर,मचल गया मैं यार। झाँझर मेरा दिल हुआ,संकट सब ही पार।। भोली सूरत देखकर,अंजुमन में हर्ष। निकला जो उदगार तब,हुए सभी आकर्ष
read more >>
जीवन सरगम सा रहे,मिले दिव्य पहचान
मानवता का मोल है,कहे उसे इंसान। जीवन सरगम सा रहे,मिले दिव्य पहचान।। मानवता का मोल है, यही जगत आधार। रौनक मय जन जन लगे,रहे सरस व्यवहार।�
read more >>
लगा रखें हैं खोल-कितने घातक हो गए
दुविधा में रहते सभी, करते रहते मोल। कितने घातक हो गए,लगा रखें हैं खोल।। लगा रखें हैं खोल,बने फिरते हैं नेता। करते हैं गुमराह,भाग लोगों
read more >>
रंग बदलती जिन्दगी-फिर भी बहुत ही हर्ष देती है ज़िंदगी
रंग बदलती पल _पल खूब है ज़िंदगी, फिर भी बहुत ही हर्ष देती है ज़िंदगी। चाहत दिल में सैकड़ों जवां हुए हैं, खुदा जरा साथ दें दगा ने दें ज़ि
read more >>
जीवन एक चक्र समान ही है
जीवन एक चक्र समान ही है, सतत यह प्रक्रिया जारी रहता है। जन्म_मृत्यु का का खेल, निरन्तर जारी रहता है। यहां सब एक _दूसरे पर आश्रित हैं, �
read more >>
असली साथी वही हैं-सुख दुख में वह साथ हो
सच्चे साथी आपके, देते हरदम साथ। खुशियों को बांटें सदा, रहे मजबूत हाथ।। सच्चे साथी आपके, खुशियों का दे जाम। सुख दुख में वह साथ हो,आते रह
read more >>
जीवन के मूल आधार तो परिवार ही हैं
जीवन के मूल आधार तो परिवार ही हैं दुनिया का दर्शन तो परिवार ही दिलाते हैं। परिवार से ही समाज हैं, समाज से ही देश हैं। ज्ञान की प्रथम �
read more >>
प्रदूषण एक गम्भीर समस्या
प्रदूषण ही प्रदूषण बढ़ रहा है, जिन्दगी खतरे में अब पड़ गई है। प्रकृति के साथ हो रहें खेलवाड़ है, भौतिक सुख के चक्कर में पड़े सभी हैं।
read more >>
वक्त के साथ ये वक्त बदल जायेंगे
माना अभी हालात थोड़े बिगड़े है कुछ वक्त लगेगा सब सम्भल जायेंगे मेरे वक्त को देखकर मत इतराओ तुम वक्त के साथ ये वक्त बदल जायेंगे बेशक �
read more >>
« Previous
Next »
Showing
2533
to
2544
of
5535
results
‹
1
2
...
209
210
211
212
213
214
215
...
461
462
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder