[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
ऐ खुदा बदल दे मेरी कायनात
होगी कैसे बात, नहीं हुई अभी मुलाकात, न बीते ये हालात, नहीं आई अभी सौगात, छुपी दिल में जज्बात, खुद पा जायेगी क्या मात, ऐ! खुदा बदल दे मेर�
read more >>
मेरी तो निगाहें हैं सूरज के ठिकानों तक
तुम सोच रहे हो बस, बादल की उड़ानों तक मेरी तो निगाहें हैं, सूरज के ठिकानों तक टूटे हुए ख़्वाबों की इक लम्बी कहानी है शीशे की हवेली से, पत्�
read more >>
जो फैलाने चले हैं मुल्क़ में दहशत धमाकों से
जो फैलाने चले हैं मुल्क़ में दहशत धमाकों से वही छुपते फिरा करते हैं इक मुद्दत धमाकों से न ख़बरों में उछाल आया, न बाज़ारों में सूनापन न बि�
read more >>
अंधेरा पूरा नहीं पूरी रौशनी भी नहीं
हमारे चेहरे पे ग़म भी नहीं, ख़ुशी भी नहीं अंधेरा पूरा नहीं, पूरी रौशनी भी नहीं है दुश्मनों से कोई ख़ास दुश्मनी भी नहीं जो दोस्त अपने हैं उ
read more >>
कौन आया है हथेली पे' सितारे लेकर
झिलमिलाते हुए दिन रात हमारे लेकर कौन आया है हथेली पे' सितारे लेकर हम उसे आँखों की देहरी नहीं चढ़ने देते नींद आती न अगर ख़्वाब तुम्हारे �
read more >>
सूरज-ढल गया दे के रोशनी सूरज
ढल गया दे के रोशनी सूरज कह गया बात इक नई सूरज एक्टिंग डूबने की करता है डूबता तो नहीं कभी सूरज शाम होते ही छोड़ जाता है रोज़ ऑंखों में कु�
read more >>
हम क्या जानें धर्म की बातें-हम हैं राही प्रेमडगर
इन ढालों के दुर्गम पथ पर देखे रोज़ फिसलते लोग फिर कैसे शिखरों पर पहुँचे बैसाखी पर चलते लोग प्यारी नदियों की आहों पर हृदय तुम्हारा पि�
read more >>
हम क्या जानें धर्म की बातें-हम हैं राही प्रेमडगर
इन ढालों के दुर्गम पथ पर देखे रोज़ फिसलते लोग फिर कैसे शिखरों पर पहुँचे बैसाखी पर चलते लोग प्यारी नदियों की आहों पर हृदय तुम्हारा पि�
read more >>
हम क्या जानें धर्म की बातें-हम हैं राही प्रेमडगर
इन ढालों के दुर्गम पथ पर देखे रोज़ फिसलते लोग फिर कैसे शिखरों पर पहुँचे बैसाखी पर चलते लोग प्यारी नदियों की आहों पर हृदय तुम्हारा पि�
read more >>
हम क्या जानें धर्म की बातें-हम हैं राही प्रेमडगर
इन ढालों के दुर्गम पथ पर देखे रोज़ फिसलते लोग फिर कैसे शिखरों पर पहुँचे बैसाखी पर चलते लोग प्यारी नदियों की आहों पर हृदय तुम्हारा पि�
read more >>
मुक़द्दर अपना-अपना है-ये हिन्दुस्तान सबका है
न मेरा है न तेरा है ये हिन्दुस्तान सबका है नहीं समझी गई ये बात तो नुक़सान सबका है हज़ारों रास्ते खोजे गए उस तक पहुँचने के मगर पहुँचे हु�
read more >>
एक अंधे दौर के सिर पर चढ़े हैं
आप कहने को बहुत ज़्यादा बड़े हैं असलियत यह है मचानों पर खड़े हैं ख़ास कंधा, दास चंदा, रास धंधा, एक अंधे दौर के सिर पर चढ़े हैं कीजिए झट कीजिए
read more >>
« Previous
Next »
Showing
2701
to
2712
of
5649
results
‹
1
2
...
223
224
225
226
227
228
229
...
470
471
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder