Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
न जाने !मन में कितनी उलझन है! इन उलझनों को सुलझाने का! कोई एक रास्ता तो दो! कहनी है बहुत कुछ तुमसे ! कभी मेरी भी बातों को सुनने को एक शाम त� read more >>
कई साल बीत गया उस घर को छोड़े मैंने अपनी एक नई दुनिया बसा ली फिर भी न जाने क्यों कभी-कभी एकांत में बैठने पर मुझे उस घर का हर एक कोना हर एक प read more >>
क्या सुरक्षित है अपनी बेटियां। क्यों नहीं सुरक्षित हैं बेटियां। अंकुश लगेगा कब उन बेरहम दरिंदों पर जिसने छीना है उसकी मासुमियत क� read more >>
एक बार एक गांव में एक गरीब लड़का रहता था। उसके पास खेती के लिए ज़मीन नहीं थी और उसके पिता भी नहीं थे। उसकी मां एक गर्म रोटी बानाकर उसे स्� read more >>
प्यारी जीवनसंगी के साथ कभी-कभी असुख या समस्याएं उठना सामान्य होता है। इन स्थितियों में ज्यादातर लोग न्याय की बात करते हैं, लेकिन क्या read more >>
बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में एक नेक और सदाचारी युवक रहता था। उसका नाम रामू था। रामू गांव के लोगों के बीच प्रिय और प्रसन्नता का के� read more >>
चंद सस्ती ख्वाहिशों पर सब लुटाकर मर गईं नेकियाँ ख़ुदगर्ज़ियों के पास आकर मर गईं जिनके दम पर ज़िन्दगी जीते रहे हम उम्र भर अंत में वो ख्वा read more >>
किसने जाना कि कल है क्या होगा कुरबतें या के फ़ासला होगा आज रोया है वो तो रोने दो हो न हो ख़ुद से वो मिला होगा चांद जो पल में बन गया मिट् read more >>
एक बड़ी शहर में एक परिवार रहता था जिसमें दो बच्चे और उनके माता-पिता थे। परिवार के सदस्य एक-दूसरे से प्यार करते थे और हमेशा खुश रहने का प� read more >>
हँसने का हँसाने का हुनर ढूंढ रहे हैं हम लोग दुआओं में असर ढूंढ रहे हैं अब कोई हमें ठीक-ठिकाने तो लगाए घर में हैं मगर अपना ही घर ढूंढ रह� read more >>
ख़ुद को ग़म से छुड़ा लो ज़रा एक दीपक जला लो ज़रा रात काली अमावस हुई अपनी पलकें उठा लो ज़रा हर क़दम पे सजे आशियाँ पाँव अपने सम्भालो ज़रा दोस्� read more >>
ख़ुद को ग़म से छुड़ा लो ज़रा एक दीपक जला लो ज़रा रात काली अमावस हुई अपनी पलकें उठा लो ज़रा हर क़दम पे सजे आशियाँ पाँव अपने सम्भालो ज़रा दोस्� read more >>
Join Us: