[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
लोग ख्वाहिश करते है जहां चलती हुई सांस के
लोग ख्वाहिश करते है जहां चलती हुई सांस के, हर कदम पर जो जिस काबिल हैं, उसे अपनी भरी महफ़िल में अपने साथ रखते है और हाथ से उठाकर गले लग�
read more >>
तुम ये उम्मीद मत रखना मुझसे
तुम ये उम्मीद मत रखना मुझसे कि मैं धोखा नही दे सकता और ना ये उम्मीद रखना कि छल कपट से परे हूँ मैं मैं ये सबकुछ कर सकता हूँ धोखा भी दे सकत�
read more >>
अपने यारो के बारे में बताऊ क्या
बहुत बता रहे हो अपने नए यार के बारे में में अपने यारो के बारे में बताऊ क्या?😏😏 और क्या कहा वो जान दे सकता है तुम्हारे लिए। और मेरे यारो
read more >>
मत ऊलझो हम हिन्दू से
मत ऊलझो हम हिन्दू से, हम लभ - कुस के ही बंसज है। बस समय बदला है, तिर के जगह अब, कलम चलता है।
read more >>
ऩफा नुक़सान का हिसाब किताब कहां देखें
चलते-चलते वक्त- काफ़ी गुज़र गए ज़िंदगी के जीवन के- दिन भी काफ़ी खर्च हो गए ऩफा नुक़सान- का हिसाब-किताब कहां देखें ? -मोती
read more >>
परमात्मा मेरे अंदर है
यूंकि- अपना ही पूजा- पाठ क्यों नहीं करता यूंकि- क्या बुराई है इसमें- हर किसी से पूछ लो यूंकि- उत्तर मिलेगा- परमात्मा मेरे अंदर है -म�
read more >>
सुकून भरा ज़िंदगी के लिए
ज़ेहन में ज़रूर आनंद भरा है, तार-तार जीवन का भरपूर है। लुटा देना चाहता हूं प्यारों को, सुकून भरा ज़िंदगी के लिए।। -मोती
read more >>
सत्य और नश्वर का संयोग
सत्य और- नश्वर का संयोग यह शरीर! जिसकी- प्रकृति में परिवर्तन है, वह सत्य नहीं हो सकता यूंकि, सत्य में परिवर्तन नहीं है सत्य कालातीत �
read more >>
जिधर देखता हूं उधर तू ही तू है
कविता - जिधर देखता हूं,उधर तू ही तू है। धरा चाहे घूमूं गगन चाहे छू लूं पवन बनकर चारो दिशाओं में ढूढूं कण कण में जलवा,तेरा हू -बहू है जि�
read more >>
मैंने सिखा है-मैंने सिखा है गिरकर भी संभलना
मैंने सिखा है गिरकर भी संभलना संभल कर फिर से चलना डर से निकलना,निडर हो कर चलना मैंने सिखा है मैंने सिखा है, हार कर निराश न होना जीत के
read more >>
शैतान नजर आओगे
भले ही लिबास बदल लेना और पोंछ लेना खून से सना हुआ मुंह अपना भले ही चेहरे की सियाही को मैकप से छुपा लेना मगर जिस दिन तुम्हारे पाप कुरेद�
read more >>
जिंदगी खोजती है
जिंदगी खोजती है पैमाने, हर मोड़ पे मिल जाते हैं में खाने। इसे समझो ना शिकायत यह तरीका है पास लाने का आज हूं तो हवाएं भी मुड़ के आयेगी
read more >>
« Previous
Next »
Showing
3265
to
3276
of
5649
results
‹
1
2
...
270
271
272
273
274
275
276
...
470
471
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder