नारी ज्योति व ज्वाला...
दो प्रकार के नारी होती है, एक सुघड़ आदर्श नारी और फूहड़ नारी, सुघड़ नारी अपनी सहनशीलता, विवेक, धैर्य, संयम, मधुर भाषा � read more >>
संघर्ष ही जीवन
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
जीवन के संघर्ष में थक कर कभी ना हार...
घिस घिस कर पत्थर से बनती लोहे की धार...
घिस घिस � read more >>
शिक्षक हूँ, पर ये मत सोचो,
बच्चों को सिखाने बैठा हूँ,
मैं डाक बनाने बैठा हूँ,
मैं कहाँ पढ़ाने बैठा हूँ ...
कितने SC कितने ST कितने OBC,
कित� read more >>