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हम इंसान किमत शब्द का अर्थ अच्छी तरह से जानते कि अगर किसी से कुछ वस्तुली जाती है तो हमें उसकी तय किमत चुकानी होती है। और किमत चाहें जानव read more >>
मैं अपने तीनों भाइयों में सबसे बड़ा और एक मध्यम वर्गीय परिवार में पला बड़ा हुआ, पिता जी द्वितीय श्रेणी के सरकारी कर्मचारी,मेरे पापा की read more >>
हस्ती तो बहुत देखी माँ तुझसे ज्यादा सुकून कहीं और कहाँ, माँ भले ही सो लुंगी मखमल के सेज पर तेरे गोद से ज्यादा आराम कहीं और कहाँ l माँ ये � read more >>
नारी वह फूल है जो सबको खुशबू देती है, नारी वह प्रकाश है जो सबको रोशनी देती है l नारी एक ऐसी पेड़ है जो सबको छाया देती है, नारी ऐसी फूल है ज read more >>
पीरियडस हर महिलाओं के जिवन का हिस्सा है। आज में पीरियड्स पर सामाजिक सोच के बारे में लिखने जा रही हूँ पीरियडस को लेकर पहले भी और भी पुरा� read more >>
आजादी यह शब्द सुन्ने बहोत अच्छा लगता है। पर आज के समय में इस शब्द का अर्थ गलत ले रहे है। लोग मन में आये जैसा व्यहार कर रहे है। कानून तोड़� read more >>
The health of the country is struggling with the shortage of doctors and medicines. There is only one allopathic doctor available for every 10,000 people and one government hospital for 90,000 people. Innocent and illiterate patients or their relatives are exploited. Most centers are run by unskilled or semi-skilled paramedics and doctors are ra read more >>
डॉक्टर और दवाइयों की कमी से जूझता देश का स्वास्थ्य प्रत्येक 10,000 लोगों के लिए केवल एक एलोपैथिक डॉक्टर उपलब्ध है और 90,000 लोगों के लिए एक स� read more >>
*बेलगाम शिक्षा व्यवस्था: किताबों में कमीशन का खेल, अभिभावक रहे झेल* स्कूलों की मनमानी, किताबें बनी परेशानी। निजी स्कूल बने किताबों क� read more >>
मेरे अल्फ़ाज़ (सचिन कुमार सोनकर) अभी तो सिर्फ पैरों पर खड़ा हुआ हूँ अभी तो चलना बाकी है। लड़खड़ाते पैरों का संभालना तो अभी बाकी है। कभी गिर read more >>
अच्छे है। लोग इतनी खुबसुरती के बाद भी ......2 बस मौका तो मिलें ,हाँ बस, मौका तो मिले नज़र चुरा के माली से फूलो को मसल दिया करते है। read more >>
मैं कोई सायर नही जो मै सायरी लिखता हु मुझे लिखने का शौक है शायद इस लिए मै लिखता हु लोग बातो को बनाते है हम हकीकत को दिखाते है ज्यादा फर� read more >>
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