आज के समय में गरीबी और अमीर कि खाई इतनी बढ़ चुकी है। कि गरीब और गरीब होता जा रहा है। और अमीर और अमीर होता जा रहा है। गरीबी का अर्थ है। कि स� read more >>
कविता ( ख़ानदानी )
ख़ानदानी उनको !
कहता ये जहान !!
चरित्र से जो गिर गए !
पैसे से मालामाल !!
नग्नता की देखो !
क्या दी मिसाल !!
फ्रैंकली शब्द क� read more >>