आज के समय में गरीबी और अमीर कि खाई इतनी बढ़ चुकी है। कि गरीब और गरीब होता जा रहा है। और अमीर और अमीर होता जा रहा है। गरीबी का अर्थ है। कि स� read more >>
कविता = (‌ विधि )
देखा किसी ने ना !
लेखा विधि का !!
फिर भी रहा तू !
यहाँ अजनबी सा !!
क्यों न हुआ तू !
यहाँ है किसी का !!
देखा किसी ने ना !
लेखा विध read more >>
काव्यागन---
काव्य यात्रा-- 37
प्रदत्त शब्द ----अनंत
दिनांक17/3/2023
शीर्षक---अनंत अभिलाषाऐ है
अनंत है अभिलाषाऐ!
अनंत है आशाएं !
अनंत है जीव� read more >>