Dear ससुराल तुम मायके सा फिल करा पाओगे क्या,
बहु बनने का शौक नही मुझे अपनी बेटी बना पाओगे क्या,
Dear सासु मां में आपसे वादा करती हूं में आपको � read more >>
न उरूज की बात है न जवाल की बात है
जिस हाल में है तू उस हाल की बात है।
न ज़िन्दगी है तेरी न मौत का पता है
रहमों करम है उसका जो होता तुझे आता � read more >>
कहानी – पुन्नों रानी।
लेखक - जितेन्द्र शर्मा
तिथी - 15/01/2023
हमारे समाज में विवाह - शादियों का अलग ही अर्थशास्त्र है। दहेज से लेकर दावत त read more >>
पुरुष कठोर क्यों
पुरुष इतना कठोर भी नही होता ,
वो सिर्फ बाहर से दिखता है ,
दिल का बहुत कोमल वो होता है ,
कठोर होना उसकी मजबूरी है ,
वो परि� read more >>
कविता . -हंसी खो गई है।
रचना -जितेन्द्र शर्मा।
तिथी -14/01/2023
सब कुछ तो है, बस हंसी खो गई है।
पेड़ से उतर हमने अट्टालिका भवन बनाये हैं।
सोन read more >>