‘‘यार, कैसे मर्द हो, जो दारू तक नहीं पीते! क्या अपनी बीवी से डरते हो?’’ सहकर्मी ने बीयर बार में प्रवेश की ओर निगाह डालते हुए तानेकश read more >>
दीपावली के अवसर पर बनवारीलाल अपने घर के ड्राईंग रूम को सजाते हुए सोच रहा था, ‘‘क्या है उसके पास? न ढंग के सोफे, न अच्छी कुर्सियां, न आल read more >>
अगर कोई इंसान असमर्थ है या वो किसी कारण वश असहाय है उस पर भारी संकट आया है वो कहीं काम करने नहीं जाता है ना ही वो किसी कि मदद करता है और उस read more >>