"अपशगुन"
पप्पू जो अभी-अभी मैट्रिक की पढ़ाई कर रहा था पढ़ाई में तो जरा सा कमजोर था लेकिन धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर पूरा पूर� read more >>
परिस्थिति कभी एक समान नहीं होती आज खुशी है तो कल गम ।आज कहीं रौनक है तो कहीं मातम । कब ,क्या किसके साथ होगा यह किसी को नहीं पता।यही हुआ था read more >>
कविता = ( दरकार )
निष्काम सेवा से नहीं चलता परिवार !
पेट को रोटियों की है दरकार !!
खाली ख़ज़ाना नहीं चलती सरकार !
भूखे पेट भजन कैसे होए मेर� read more >>