✍️#कर्म का फल*
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एक गाँव में एक सुनार का घर था। उस सुनार का काम बहुत अच्छा चलता था। काम बढ़ाने के उद्देश्य से उसने एक दिन बहुत सार read more >>
हो कितनी भी गुस्सा वो!
ख़ुद ही मान जाती है!!
छोटी हो तो चंडी !
बड़ी हो तो दुर्गा कहलाती है!!
भाई भाई की रट वो लगाती है!
दिन भर पकात� read more >>
हूँ ज्ञान का सागर मै!
तुझे श्रेष्ठ कैसे मान लूँ!!
हूँ गलत लाख मै फिर भी!
अपनी गलती कैसे मान लूँ!!
हैं तजुर्बे मेरी उम्र जि� read more >>
//...प्रश्न...//
सब चीज तो ,
सिर्फ औरत ही है
आखिर में ,
मर्द चीज है क्या ...?
आज तक किसी ने ,
इसके बारे में ,
ना सोचा ,
ना कुछ लिखा
बोलो , बताओ
आपने � read more >>
औरत से घर -परिवार चले,
ये जग-संसार चले,मां बनकर बच्चों का ध्यान रखें,
पत्नी बन कर पति के हर दुख सुख में साथ रहे, हर परिस्थिति में उसके साथ � read more >>