थाली - "(एकता का पात्र , जिम्मेदारियों का वाहक )"
कहते है कि रोटी-कपड़ा-मकान मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है परंतु यह कदाच� read more >>
" मैं पैसा हूँ "
अरे ... मैं पैसा हूँ रुपया बनाता हूँ,
लोगों को उनकी औकात बताता हूँ ,
ज़रा तुम उस पुराने गुल्लक को तो तोड़ो जिसमे मैं अशोक read more >>
मन का सुकून कहीं बाहर नहीं मिलता ,
अपने अंदर खोजो वो मिल जायेगा I
मन का सुकून कहीं बाहर नहीं मिलता ,
कर्म बदलो आपको वो मिल जायेगा I
मन का स� read more >>
बदलाव खुद में होना चाहिए , तभी दुनिया बदलती है,
बदलाव ,सफल भविष्य का दर्पण है,
मेहनत उस दर्पण में दिखने वाला छवि है,
जो मेहनत से भागते है� read more >>
शीर्षक - हौसला अभी बाक़ी है
गिर कर भी उठने का हौसला अभी बाकी है,
हार कर भी जीतने का हौसला अभी बाकी है ,
मार्ग भटक कर भी गंतव्य तक पहुँचने क read more >>
एक दिन अकेला बैठा था में ना कोई नाम था मेरा न थी कोई पहचान l
सोच रहा था क्या करूंगा क्या बनूँगा अपने मकसद से था बिलकुल अनजान ll
नदी के परव� read more >>