हमारा मन अनंत है, और मन के कोने में, हम जिस विचारों को धारण करते हैं, जैसे कोई आधी बातें लिखकर, राइटर उसे
पूरा करना चाहता है, समस्त रचना म read more >>
हाये बेचारी अबला नारी,
दहेज प्रथा की कैसी ये बीमारी,
ना मान मिला ना सम्मान मिला,
रोती आ रही है नारी,
आंखों में भरकर नीर,
सब सहती आ रही है � read more >>
उसका नाम विनोद था, सारी जिम्मेदारियां,
उसके कंधों पर था,
वह प्रतिदिन अपने पिता के लिए, शराब लाने के लिए, जाया करता था, उसी शराब के कारण, � read more >>
कल का पता न पल का पता, बांधता मन-मन की।
जवानी के झाग झांवर गए, रेनी मैली भवन की।
ठान खोदता, आन अज़माता, सुध न रही कंचन तन की।
तेरा, मेरा मिट read more >>
यह लगभग, 40 वर्ष पहले की बात है,
वह गांव का प्रधान था, उनकी हुकूमत से, हमारा गांव के लोग, कांपते थे
सारा गांव का जमीन, उन्हीं का नाम था, आस-पा read more >>
इंसान दौलत जमा करता है ताकि गरीबी से बच सकें और फिर उस दौलत को खर्च नहीं करता ताकि गरीब ना हो जाए फिर इस तरह दौलत की मौजूदगी में गरीब रहन� read more >>
//...गुजारिश...//
भले मुझसे ,
मेरी जिंदगी की ,
सारी खुशियां छीन लो
जमाने भर का
सारा दर्द तुम ,
मुझे दे दो...!
मगर ,
तुमसे मेरी ,
एक गुजारिश है
ऐ read more >>
आज सुबह ही, मैं कुर्सी पर बैठा था, तभी मेरी नजर, 5 के नोटों पर, पड़ जाती है,
मैं इस नोट को_ ध्यान से देख रहा हूं_ इसमें, एक किसान का _ चित्र बना� read more >>
हिंदू धर्म का वजूद खतरे में हैं,
, विश्व भर में, एकमात्र हिंदू, धर्म ही शांति का प्रतीक है, इस धर्म में, किसी भी धर्म का अपमान, करने की इजा� read more >>
हारे बेचारी अबला नारी,
दहेज प्रथा की कैसी ये बीमारी,
ना मान मिलाना सम्मान मिला,
रोती आ रही है नारी,
आंखों में भरकर नीर,
बेटी, बहू, मां बन� read more >>