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आज के समय में सभी को लगता है। की जिन्दगी बोझ है। या जीवन जीना ही बोझ बन गया है। और यह सत्य भी है। आखिर कमाने वाला कितना कमाये महंगाई बढ़ र read more >>
Meri kismat ka Lekha jokha Apne hi nahin dusron ke Naseeb ka bhi hai maine bhoga Pal pal per is sansar ne Srishti ke rachnakar ne Diya hai har samay Dhokha Bhul Ko main apni sudhar dunga Apne har kashton Ko main mar dunga Sansar ko dikhlaunga mil Gaya Jo mujhe mauka Dushmanon mein mere machegi ha ha kar dekha jaega jo bhi hoga read more >>
बेरोजगारी का बोझ उठा थका हूं मैं, फूटी किस्मत की राहों में अटका हूं मैं। लोगों के ताने बनते हैं साये मेरे, सपनों की दुनिया से दूर भटका � read more >>
क्यों? कोई क्यों समझता है मजबूत कोई क्यों समझता है कमजोर कोई क्यों करता है शिकार कोई क्यों होता है शिकार इंसान क्यों करता है इं read more >>
धैर्य: सफलता का आधार जीवन एक अनवरत यात्रा है, जिसमें कभी सुकून तो कभी संघर्ष हमारे साथ होता है। इस यात्रा में धैर्य एक ऐसा गुण है जो हम� read more >>
आज बहुत दिनों बाद मामी से बात करने की फुर्सत मिली। मैंने उन्हें फोन कर हाल जानना चाहा। काफी देर बातचीत के बाद मैं बोली- मामी बहुत दिन हो read more >>
*कविता* *फूफा जी का रौब* हमारी पीढ़ी के फूफा बड़े मिजाजी होते थे बात -बात में गुस्सा होकर अपना आपा खोते थे।। ससुराल में मुंह फु� read more >>
जब लिया ठान है ही मन में , तो बस रास्तों को देख लो , सब फाँसलों को छोड़ दो , दिल में बैठी शंका है कैसी , ललाट पे ये भय है कैसा , मन में तुम धीरज र� read more >>
गिरे हैं तो क्या है संभल जाएंगे..... हौंसले पस्त नही हमारे ....... मालूम है जंग का हुनर हमें लौटकर फिर आएंगे ....... लोग जो गा रहे हैं कहानी हार की � read more >>
वक्त की हर चोट को दिल में सजाने वालों की कुछ तो मनसा होती ,होगी आखिर,जिंदगी साथ बिताने वालों की फर्क समझ तुझे हर अल्फाज़ स� read more >>
स्त्री नदियों के जल सी तुम "मीठी" बंधी किनारों के दायरे में "बहती" उथल-पुथल गहराई सहती "रहती" कल कल की गीतों को गाती "चलती" सफ़र सुहान� read more >>
झूल गए वो फांसी सीने पर गोलियां खाईं थी शहीद हुए वीर सपूत तब जब बजनी उनकी शहनाई थी। आंखों में सपना था भारत मां की आजादी का हर दौलत बे read more >>
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