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कैसे मैं गीत गाऊॅं! छ्न्द करुणा का लिए मैं गीत गाऊॅं श्रृंगार या फिर हास्य से कैसे सजाऊॅं यह देखते बनता न हालत देश का है कहीं अच्छा क� read more >>
बंद दिलों के राज,किसे पता है? टूटे दिलों की बात,किसे पता है? दीवानगी का प्यार, किसे पता है? प्यार का मान, किसे पता है? सब कहते है साथ है, कि read more >>
इतनी बड़ी दुनिया में, जो कुछ भी दृश्यमान है, मुझे नहीं लगता, माँ से अधिक कोई बलवान है! फटे हुए कमीज पर, जो परिवार की ख्वाहिशे पूरी करें, read more >>
छिप-छिप अश्रु बहाने वालों, मोती व्यर्थ बहाने वालों कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है। सपना क्या है, नयन सेज पर सोया हुआ आँ� read more >>
मर्यादा सम्मान मान, ये सब कुछ कुचल रही है ये इक्कीसवीं सदी चल रही है -------------------------- -------------------------- एक पिता बच्चों की खातिर सारे दुखड़े झेले read more >>
सबको अपने अपने मतलब से कुम्भ जाना है किसी को अमृत स्नान कर मुक्ति पना है तो कोई साध्वी हर्षा का दीवाना है किसी को संत दर्शन पाना है तो read more >>
ऐ जीवन के थके मुसाफिर, बढ़ चल मंजिल अब दूर नहीं । कर्म करे फल ना पाये, ये प्रकृति का दस्तूर नहीं ॥ ------------------------------------------------------------------------------------- read more >>
ऐ जीवन के थके मुसाफिर, बढ़ चल मंजिल अब दूर नहीं । कर्म करे फल ना पाये, ये प्रकृति का दस्तूर नहीं ॥ ---------------------------------------------- read more >>
गढ़ की मान बचावन की खातिर, सिर कटा लेगा देश को वीर, अंगारों पर भी हसते हसते चल लेगा, मारे गढ़ री तो एक ही शान | मुछ नहीं रखी मर्द कैसा, यह � read more >>
तिनके के अवलंबन से, तैर जाता डूबता। तैरकर तृण को ही डुबाए, यह कैसा का़यदा? बाड़ की आड़ में, उग आती दूब यदा- कदा। उग बाड़ को ही बाढ़ दे, read more >>
दोस्त ? उसका नाम दिनेश था । स्नातक के तीसरे साल में उससे पहली बार कक्षा के बाहर मुलाकात हुई थी , 5.5 फुट का भरे बदन का लड़का चेहरे पर घनी मू� read more >>
आपको अपनी जिंदगी में बेचैनी कब होती है ? जब हर रोज एक जैसी ही जिंदगी को जिए जा रहे हो,ऐसा लगता है यार कितना दुख hai हमारे जीवन में ,थक चुके ह read more >>
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