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बारिश आई, खुशियाँ लाई, ठंडी बूँदें छत पर छाई। धरती ने ओढ़ा हरा कंबल, प्रकृति ने गाया मीठा ग़ज़ल। लोग निकले छतों पर गाने, मन के तार लगे read more >>
अहंकार एक ऐसी आग है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति के जीवन को जलाती रहती है। "मैं ही हूँ सब कुछ", यह सोच न केवल दूसरों के प्रति उपेक्षा का भाव पैदा क read more >>
संसार बड़ी ही सुंदर काया तरह-तरह के लोग यहां पर कुछ वैश्यी दरिन्दे भी रहते धूर्त नशे में वो रहते है। कर शोषण स्त्री का, उसके प्राणों read more >>
संसार बड़ी ही सुंदर काया तरह-तरह के लोग यहां पर कुछ वैश्यी दरिन्दे भी रहते धूर्त नशे में वो रहते है। कर शोषण स्त्री का, उसके प्राणों read more >>
जितना आप दुआएं दोगे, उतनी ही दुआएं आप पाओगे। अभी समय है, मत गँवाओ, अच्छे कर्मों की राह अपनाओ। निंदा-चुगली से क्या होगा, समय का अपमान ही read more >>
इज्जत दोगे, इज्जत पाओ, सम्मान से ही जग मुस्कराओ। जो दूसरों को दुत्कारते हो, तो वही लौट के तुम पर आए। मदद करोगे दिल से अगर, कंधे मिलेंगे read more >>
4 सितंबर 1987 को राजस्थान के सीकर जिले के देवराला गांव में रूप कवर नामक एक राजपूत महिला सती के नाम पर अपने पति की मृत्यु के बाद चिता पर जिं� read more >>
ये जाति नहीं कुछ भी होती, ये जाति नहीं कुछ भी होती। क्यो लड़ते हो इसको लेकर, जाति नही कुछ भी होती भेदभाव को छोड़ो तुम, सबको आपस मे जोड़� read more >>
हम सभी जीवन में सफलता, संपत्ति, संबंध और मान-सम्मान की चाह रखते हैं। जब यह सब कुछ हमें मिलता है, तो हमें लगता है कि यह सब कुछ स्थायी है। पर� read more >>
हम एक ऐसी दुनिया में जी रहे हैं जहाँ 'परफेक्ट' होना एक आदर्श मान लिया गया है। हर किसी को लगता है कि उन्हें या उनके आस-पास की हर चीज़ एकदम स� read more >>
प्रकृति की गोद में हम रहते हैं, हरियाली और खुशबू से भरे हुए जीवन में। पेड़ों की शीतलता में हम आराम पाते हैं, पक्षियों की चहचहाहट से मन read more >>
एक बार की बात है, एक जंगल में एक खरगोश और एक कछुआ रहते थे। खरगोश बहुत तेज़ दौड़ता था और उसे अपनी रफ्तार पर बहुत घमंड था। कछुआ बहुत धीरे चल read more >>
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