हवा से पूछा जाकर के मैंने,
कहां से आए, क्या कर रहे हो?
उसी हवा ने बताया मुझको -
सुगंध पुष्पों से ला रहे हैं
बिखरती जाए पुष्पों की चादर
हम � read more >>
न छोड़ी थी उम्मीद मैंने न सब्र मैंने छोड़ा था ,
सोचती थी जीत जाऊंगी मैं ये न किस्मत के ऊपर छोड़ा था,
उम्र हो चली थी मंजिल न अभी मिली थी,
कि read more >>