गाँव की बात निराली
गाँव में सुबह - सुबह चार - पांच बजे ही चिडियों की चहचाहट, गाय - भैंसों के रमभाने की आवाज शुरू हो जाती है। घर के बड़े बुज read more >>
प्यारी मां !
प्यारी मां !
है सब से तू न्यारी मां !
मेरी प्यारी मां ।
सब कुछ लुटाकर तूने, जन्म दिया है मुझको,
सर्वस खोकर तूने, गले लगाया है� read more >>
जीना चाहता था मैं एक ऐसी दुनिया में,
जहां लोग छल-कपट से परे हो,
समझे सभी को अपने,
बनकर जिए और समझे अपने ।
सोचता-सोचता बस बनकर रह गया मुसा� read more >>
सीमा (आपकी ख्वाहिशों को मैंने सम्भाल रखा है)
बेटा अब खुद काम करके पैसे कमाने वाला हो गया था, इसलिए बात - बात पर अपनी माँ से झगड़ पड़ता था। य read more >>