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कुछ सवाल - कुछ जवाब न कोई कलम, न कोई किताब, रखता हूं पल भर की जिंदगी है यह सोच न कुछ लेने का, न कुछ देने का, हिसाब रखता हूं........ न अलीशान महलो� read more >>
मजदूर हूं पर मजबूर नहीं मजदूर हूँ पर मजबूर नहीं पत्थर तोड़ता हूँ पर दिलों को जोड़ता हूँ जाड़े की ठण्ड में ठिठुरता हूँ तपती धूप में झु� read more >>
हंस और हंसिनी एक बार एक हंस और हंसिनी हरिद्वार के सुरम्य वातावरण से भटकते हुए, उजड़े वीरान और रेगिस्तान के इलाके में आ गये। हंसिन� read more >>
ढोल नगाड़े बज उठते है ,जब कुल दीपक घर आता है , वंश परंपरा की अगली पीढ़ी में,एक नया नंबर जुड़ जाता है | बेटा ,माँ का दुलारा ,नैनों का तारा , भाई ,ब read more >>
खुशियों की लड़ियाँ होती है बेटियाँ , खुशियों की फुलझारियाँ होती है बेटियाँ , पापा की लाड़ली होती है बेटियाँ , माँ के आँगन की खिल -खिलाती ध� read more >>
जिन्दगी क्या है जिन्दगी एक प्रिय सहेली है, यह आपको उतना ही बताती हैं , जितना आप इसे पूछते हो | जिन्दगी क्या है जिन्दगी एक न्याय प्रि read more >>
सुंदरता सस्ती है, 'चरित्र' महंगा है घड़ी सस्ती है, 'समय' महंगा है शरीर सस्ता है, 'जीवन' महंगा है रिश्ता सस्ता है, लेकिन 'निभाना' महंगा है!!! read more >>
दिल की भी जुबां होती गर दिल की भी कोई जुबां होती..... तो शायद यह दुनियां न यूं इतनी परेशाँ होती... न कोई लवों को खोलता न कोई मुख से कुछ बोलता read more >>
भले ही बस गये है रोटी के लिए शहर, गांव क्या है ये हम भूले नहीं है। बंद कोठरी में हम बेमन रहते यहाँ , घर का खुला आँगन हम भूले नहीं है। read more >>
प्रभात गीत रैना बीती भोर हुआ फिर अलसाये क्यों सोते हो इतना सुंदर सुबह सवेरा सो सो कर क्यों खोते हो। जीवन की यह डगर दूर है चलना अभी read more >>
इस गणतंत्र वर्ष मुख्य न्यायधीश के पद तक दलित 75 वें गणतंत्र दिवस की बधाई 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 यह वर्ष निश्चय ही भारत के लोकतंत्र के इतिहास में लो read more >>
पिंजरे का पंछी  - सेठ जी और तोता की प्रेरणा दायक कहानी एक सेठ जी और सेठानी जी हमेशा भजन - कीर्तन में जाते थे । सेठ जी के घर एक पिंजरे में त� read more >>
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