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क्या गीत लिखूँ में तुम पर जो प्यार लुटाये हर प्याले ने बिना ही पथ बतलाये आते है। रोज तेरे प्याले , तू � read more >>
*आंखों से आंसू क्यों निकलते हैं* *रचयिता* *अखिलेश श्रीवास्तव एडवोकेट जबलपुर * आंखों से आंसू क्यों निकलते है आत्मा दुखी हो तो आंसू निक read more >>
इतना ना सताया कर ए जिंदगी हमें ना रूलाया कर मेरे आंसु मुझे खुद ही पोंछना पड़ता है कभी तो तु मेरे आंसु पोंछने आया कर तेरे मेरी क्या दुश read more >>
सत्य व असत्य अनिल और सुनिल दोनों बहुत ही घनिष्ठ मित्र व सहपाठी भी थे। वे कक्षा - सात में पढ़ते थे। अनिल एक बुद्धिमान लड़का था। वह सत्य read more >>
दिनू की कहानी एक समय की बात है । खेड़ा नामक एक गांँव में एक अमीर साहूकार हेमा रहता था । वह बहुत ही धनवान था । गाँव के लोग उसका बहुत सम्मा read more >>
मोबाइल ( उपहार का डिब्बा )  एक समय की बात है । सुबह विद्यालय जाते समय टप्पू को एक उपहार का डिब्बा सड़क के किनारे पर लावारिस मिला था । उस उप read more >>
हे नारी तुम कलयुग में भी धर्म पग पर चलती जाओ, कर्मो से अपने इस जग को, तुम दिव्य स्वरूप दिखाओ l तुम झुको सही,पर रुको नही, यह अद्भुत दृश्य द� read more >>
"जीवन की ठोकर" कोई न देखें मेरे अंदर कितने घावों से भरा हूँ कितनी तन्हाई है मेरे अंदर कितने गांठों से बंधा हूँ जीवन के ठोकरों ने अने read more >>
मैं शांत हूँ तो अच्छा है , और अन्याय सहूँ तो और अच्छा हूँ । कोई उटपुटाँग बोले read more >>
मै परिंदा बेखबर उङू उम्र भर ऐसी ख्वाहिश ए तमन्ना है दुर हो गम दर्द सारे ना हो फिक्र कोई हस्ते मुस्कुराते हुए जीना है खिला खिला गुलश� read more >>
कि गाँवों की गलियो से अपरिचित होगें आने वाले , यह सदीं की झलक बताती कैसे होगें आने वाले । सुख सुविधा � read more >>
कभी सोचता हूँ बैठा दालान मै , कभी सोचता हूँ चलते - चलते मैदान मैं । जीवन मैं श्रम कितना करना होगा , जिनता अच्छा जीवन जीना होगा । read more >>
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