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एक समय की बात है एक गांव में एक गरीब परिवार रहता था माता पिता दो भाई तीन बहन परिवार बहुत ही निर्धन था उस परिवार का कोई घर नहीं था एक छोटी � read more >>
तुम रो कर दिल को अपना_ छोटा ना करना,, जिसका दिल छोटा होता है, वह ज्यादा गम, समा नहीं पाता, दर्द छुपाने के लिए, दिल का बड़ा होना जरूरी है, � read more >>
जब मैं छोटा था तब मेरी मां, मुझे नींद नहीं आती, तब मुझे यह लोरी, गाकर सुनाती थी_ चंदा मामा दूर के पूरी पकावे भीड़ के. अपने खाए थाली में, मु read more >>
हमारे समाज में आए दिन नई नई घटनाएं देखने को मिल रही है गलती किसी की हो पर सजा एक नारी को मिलती है चाहे वह ससुराल हो या मायका हो या समाज हो read more >>
मैं अकेली हूं लेकिन फिर भी मैं हूं मैं सब कुछ नहीं कर सकती लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूं और सिर्फ इसलिए कि मैं सब कुछ नहीं कर सकती मैं वह read more >>
यह घटना लगभग 30 वर्ष पहले की है, मेरी दादी मां सुनाया करती थी _ बिहार के पंचानवे नदियों में से, एक नदी सकरी भी है, जिन की महिमा यह है कि_ गर्म read more >>
मैं आज अंतिम सांसे गिन रहा हूं! मेरे बगल में, मेरे साथी लहूलुहान, पड़े हैं_ बर्फीली चट्टानों से हम लोग आसपास में_ हमारी शरीर पड़ा read more >>
मैं कितना नाजुक था, चलते चलते कभी मुंह के बल गिरता था, तब मेरे पिताजी, अपने हाथ देते थे, मैं उनकी अंगुलियां पकड़ कर, चला करता था, मैं जब भी � read more >>
जब मैं छोटा था, मेरे पांव कितने मासूम थे, पर मैं चलना सीखता था, कभी गिरता था कभी संभलता था, और जब थक जाता था, तब मां के आंचल में, छिप जाता था, read more >>
बैचेन दिल को समझाये कैसें । अपना हाल जमाने को बताये कैसे ॥ उसकी चाहत में सब कुछ गंवा बैठे । बर्बाद दिल का तमाशा दिखाये कैसे ॥ दर्द ऐस read more >>
मुझे गर्व है कि_ मैं गांव का निवासी हूं, और मेरे पिताजी किसान हैं, अपने खेतों से, कुछ इस कदर किसान जुड़ा रहता है, जिसका हम तुम, कल्पना भी � read more >>
यह घटना लगभग, 2007 की है, तब मैं छोटा था,, ए घटना मेरे घर के बगल की है, मैं इसे अब तक भी भुला नहीं पाया हूं, वह पार्वती चाची_ उनकी तीन बेटियां थी, � read more >>
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