कितने दर्द भरे होते हैं उनके अंदर
जो अंदर -अंदर गम सहते जा रहे हैं
कुछ लोगों का गम,कुछ अपनों का गम
कुछ ऐसे गम जो वो खुद
खुशी - खुशी पाल र� read more >>
ये बारिश का मौसम भी क्या रंग लाया
कहीं खुशियों का मंजर तो कहीं गम का साया,
कहीं कोयल की कू कू कहीं सावन की मस्ती, कहीं पानी में डूबी गरीब� read more >>