योगा दिवस विशेष - रोhit Singh

योगा दिवस विशेष     रोhit Singh     आलेख     समाजिक     2022-08-17 00:43:51     #योगा #योगादिवस #21जून #अंतरराष्ट्रीययोगादिवस #रोhit Singh #poem     48597           

योगा दिवस विशेष

आपने अक्सर देखा होगा कि हम हर वर्ष के
एक ना एक दिन को किसी दिवस के रूप है
अवश्य में मनाते हैं. इस बार हम सभी
आठवें अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस मनाने
की तैयारी में हैं. 21 जून यानी विश्व
योगा दिवस स्वर्ग प्रथम वर्ष 2015 में 21
जून को पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय
योगा दिवस के रूप में मनाया गया।

यदि हम योगा के इतिहास की बात करें तो
योगा इतिहास बहुत ही पुराना हैं. और यदि
भारत को योगा का जन्मदाता कहा जाए तो
इसमें कोई दोहराए नहीं हैं. भारत के
इतिहास में योगा के कई ऐसे उदाहरण मिले
हैं जिसके द्वारा अनुमान लगाया जा सकता
है कि योगा भारत की ही देन है।
इतिहासकारों की मानें तो सिंधु घाटी
सभ्यता मैं मिली कई मूर्तियां योगासन
की अवस्था में प्राप्त हुई. यही नहीं
बल्कि हम अपने वेदों और शास्त्रों में
भी योगा का बहुत से वर्णन देख सकते हैं
रामायण,महाभारत जैसे ग्रंथों में भी
योगा के क्रियाओं का वर्णन किया गया हैं
पुराणिक समय में ऋषि-मुनियों द्वारा
लंबे समय तक आसन पर बैठना और ईश्वर की
प्राप्ति करना योगा का ही एक रूप हैं।
" योगा शास्त्र " व्यवस्थित ग्रंथ
महर्षि पतंजलि द्वारा ईसा पूर्व
शताब्दी में लिखा गया ग्रंथ है। जिससे
पता चलता हैं कि प्राचीन भारत से ही
योगा का एक गहरा संबंध हैं। योगा का
महत्व हम भक्ति काल के कवियों की रचनाओं
में भी देख सकते हैं उस समय के महान कवि
कबीरदास,सूरदास, तुलसीदास जी ने भी अपनी
रचनाओं में योगा का वर्णन किया हैं ऐसे
ही कुछ महान लेखक हैं जिन्होंने अपनी
अपनी परिभाषाएं योगा के प्रति वर्णन
किया है।


पतंजलि   -  " योगा का अर्थ है मानसिक
उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण पाना। "

वेदव्यास   - " योगा समाधि है। "

भगवत गीता  - " योगा पीड़ा तथा दुख से
मुक्ति का मार्ग है।"

भारतीय कृष्णा - " भगवान से व्यक्ति की
एकता ही योगा है।"


इसी प्रकार योगा के इतिहास में तरह-तरह
के अपनी परिभाषाएं हैं वैसे योगा शब्द
संस्कृत भाषा के युज शब्द से लिया गया
है जिसका अर्थ है जोड़ना या मिलाना। 

योगा हमारे संपूर्ण जीवन के लिए एक बहुत
ही महत्वपूर्ण साधन हैं. योगा से हम
अपने मन मस्तिक तथा स्वयं पर नियंत्रण
करने के योग्य हो जाते हैं. हम यह सभी
जानते हैं कि आज के इस युग में
मानसिक,तनाव तथा चिंता लगभग हर व्यक्ति
समस्या हैं, हर कोई इससे जूझ रहा हैं
चाहे वह किसी भी उम्र का हो। इस
भागते-दौड़ते जिंदगी और टेक्नोलॉजी से
भरे जीवन  न हमारे जीवन शैली पर बहुत ही
गहरा प्रभाव डाला हैं सुविधाएं जितनी
सरल हो होती जा रही है हम उतने ही ख़ुद को
शारीरिक रूप से कमजोर दर कमजोर करते जा
रहे हैं। हर वक्त मनुष्य आज किसी ना
किसी कारण से मानसिक परेशानियों से
घिरा हुआ है अपनी असीम भौतिक इच्छाओं की
पूर्ति के लिए व्यक्ति दिन रात भागता
दौड़ता हैं जिसके कारण व शारीरिक व
मानसिक रूप से थकान महसूस करता हैं और
यदि किसी भी कारणवश उनकी एक इच्छाएं
पूरी नहीं होती तब मनुष्य तनाव और
डिप्रेशन के जाल में फंस कर रह जाता हैं
और धीरे-धीरे वह अपनी मानसिकता और
भावनात्मक समस्याओं का भी शिकार हो
जाता है।

हमने अक्सर अपने दादा दादी नाना नानी
द्वारा उनकी कहानी उनकी बातों में सुना
होगा कि वह मिलो तक पैदल चलते थे वह हर
काम स्थिरता और सरलता से करते थे उनके
आयु के लोग लंबे समय तक स्वस्थ रहते थे।
परंतु आज सुविधाएं जितनी बढ़ गई है हम
उतने ही उस के आदि होते जा रहे हैं आलस और
थकान ने हमारे अंदर के कितनी क्षमताओं
को नष्ट कर दिया है।
पर इन सभी समस्याओं से हम छुटकारा पा
सकते हैं हम खुद को और बेहतर बना सकते
हैं हम जानते हैं कि आजकल हर व्यक्ति के
पास समय बहुत सीमित हैं इसके पश्चात हम
योगा को अपनी जीवन शैली का एक हिस्सा
बनाकर खुद को स्वस्थ और मज़बूत बना सकते
हैं।‌ योगा के व्यायामों को आसानी से
कम जगहों में तथा बहुत ही कम खर्च पर भी
आसानी से किया जा सकता है।

क्या आप जानते हैं कि योगा के नियमित
अभ्यास से आप अपने कार्य क्षमता को बढ़ा
सकते हैं‌, और जीवन के अनुशासित बनाता
हैं, आप योगा के आसन द्वारा खुद को चुस्त
तंदुरुस्त फिट एंड फाइन बना सकते हैं,
अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति का विकास
कर सकते हैं, खुद को लचीला और मुद्रा में
सुधार कर सकते हैं, तनाव से दूर और खुद को
अधिक शक्तिशाली बना सकते हैं।‌ यही
नहीं बल्कि योगा हमें शारीरिक शुद्धता
रोगों से बचाव उपचार शारीरिक सौंदर्य
बढ़ाता हैं, शिथिलता प्रदान कराता हैं,
शरीर के आसन को ठीक करता हैं, लचक में
वृद्धि करता हैं, स्थूलता या मोटापे को
कम करता हैं, स्वास्थ्य में सुधार करता
हैं, मानसिक तनाव को कम करता हैं,
अत्याधुनिक विकास में सहायक नैतिक
मूल्यों को बढ़ाता है, योगा आसानी
पूर्वक किया जा सकता हैं। 

यही नहीं यदि आप अस्वास्थ्य बीमार हैं
अंदरूनी शारीरिक बीमारी से ग्रस्त है
तो योगा आपके लिए एक रामबाण इलाज़ है
प्रतिदिन अपने दैनिक जीवन का थोड़ा सा
समय योगा के साथ जुड़ जाए तो बड़ी से
बड़ी बीमारियों के लिए हम अपने शारीरिक
क्षमता को बढ़ा सकते हैं और उन
बीमारियों से लड़ सकते हैं और ख़ुद को
निरोग बना सकते हैं करोना वायरस के
खतरनाक बीमारी से योगा और उसके आसन
द्वारा हम ख़ुद का बचाव कर सकते हैं
अपनी यूनिटी को मजबूत कर सकते हैं

एक योगा और हजारों फायदे तो आइए हम सब
मिलकर योगा दिवस को देश और देशवासियों
तक पहुंचा के उनके जीवन में एक स्वस्थ
शरीर का नया सवेरा दिखलाएं योगा दिवस के
अवसर पर एक छोटी सी कविता आप सभी के लिए 


स्वास्थ्य  शरीर  का  लाभ है योग 
हर  विकार  का उपचार  है  योग 
रोग  मुक्ति  है ‌इसके  हर आसन  में 
पतंजलि जी का दिया उपहार है योग 

प्रकृति के सौंदर्य में लिपटा 
सुबह का सुप्रभात है योग 
तन से जुड़े मन से जुड़े 
आत्म शांति का अध्ययन है योग 

सख्त हो शरीर हम बने शक्तिशाली 
योगिक उपकरणों का व्यायाम है योग 
हृदय अंग सब रहें आनंद में 
तंदुरुस्ती फुर्ती का योग है योग 

ना धन लगे इसमें ना खर्च हो
ज्ञान और ध्यान का अनंन्त है योग 
आत्मा मिले परमात्मा से 
ईश्वर से मिलने का सहयोग है योग

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