[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
मोती लाल साहु
Home
Author
मोती लाल साहु
मोती लाल साहु
मोती लाल साहु
@ --7
, Jharkhand
Followers:
15
Following:
7
Total Articles:
906
Follow
View Certificate
Share on:
My Articles
इस जग से न्यारा है ठाकुर मेरा
इस जग से न्यारा है ठाकुर मेरा, प्यार सबका दुलारा है ठाकुर मेरा। हर ग़म का अब इक ही सहारा है, हर दिल का किनारा है ठाकुर मेरा। हर दश्त �
read more >>
उड़ते ख़्वाबों के परिंदे
हर पल उड़ते ख़्वाबों के परिंदे, अनंत है अंबर, कोई ठिकाना नहीं। न जाने कौन सी मंज़िल पे रुकना है, ये फ़ैसला तो, अपने हक़ में नहीं। ज़ि
read more >>
प्रेरणा
"कर ज़िक्र उसी का फ़िक्र कर, तेरा फिक्र उसी का ये कर्म कर।" -मोती
read more >>
प्रकृति
"प्रकृति अपने आप में पूर्ण, निरंतर सक्रिय स्वयं में पूर्ण। समस्त अलौकिक ब्रह्मांड की शक्ति, आश्चर्यचकित सतत समृद्ध।" -मोती
read more >>
मुर्शिद की शान में
वो जन्नत वहां है, दरबार मेरे मुर्शिद का, वो शांति वहां है, ज्ञान मेरे मुर्शिद का। जहां मेरे मुर्शिद का है बसेरा, वहीं बरकरार-ए-कायना�
read more >>
देह देवालय
हमारे भीतर ही है, यह अद्भुत संसार। पाँच ज्ञान, पाँच कर्म, अंतःकरण के चार। नेत्र देखें संसार, रूप-रंग और आकार। कान सुनते ध्वनि, मीठे बोल
read more >>
मेरे मन के अंँधेरे में- तू ही तो रोशनी है
गीत(मुखड़ा) मेरे मन के अंँधेरे में, तू ही तो रोशनी है जीवन के हर मोड़ पर, तेरी ही बंदगी है दिल की आंँखों से देखूंँ, बस तुझको हरदम तू ही म�
read more >>
मैं दिल की आंँखों से- तुझे देखा करता हूंँ
गीत (कोरस) मैं दिल की आंँखों से, तुझे देखा करता हूंँ तू जीवन दर्पण है, तेरे सहारे चलता हूंँ तू ज्योति दिखा मुझको, ये सफ़र पूरा करूंँ मेर�
read more >>
जीवन का आभार
"मैं दिल की आंँखों से, तुझे देखा करता हूंँ, तू जीवन दर्पण तेरे सहारे चलता हूंँ, पूरा करूंँगा ये सफ़र, तू मुझे ज्योति दिखा, मेरे प्रभु ते
read more >>
ग़ज़ल ऐ नज़र -मोती
धरती किसी की नहीं,पर झगड़ते सारे हैं, दिल में खुदा है बसा,पर अशांति में सारे हैं। दौलत से सुख नहीं मिलता,ये जानती है दुनिया, फिर भी सुख
read more >>
« Previous
Next »
Showing
21
to
30
of
906
results
‹
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
...
90
91
›
Share on:
Facebook
Twitter
Linkedin
WhatsApp
Pinterest
Telegram
Copy Share Link
Copy
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder