मोती लाल साहु 29 Jul 2025 गीत अन्य गीत, कविता, शायरी, ग़ज़ल, कृपा, जीवन, प्रभु, आभार, आत्म ज्ञान, खोज, प्रेरणा, मोती, 33668 0 Hindi :: हिंदी
गीत(मुखड़ा) मेरे मन के अंँधेरे में, तू ही तो रोशनी है जीवन के हर मोड़ पर, तेरी ही बंदगी है दिल की आंँखों से देखूंँ, बस तुझको हरदम तू ही मेरा सहारा है, तू ही मेरा हमदम (अंतरा) ये सफ़र है लंबा, राहें कभी अनजानी तेरी दया से ही मिलती, हर पल नई कहानी तू ही मेरा रहबर है, तू ही मेरा आधार प्रभु तेरी कृपा से ही है, जीवन का आभार (स्थाई मुखड़ा) मेरे मन के अंँधेरे में, तू ही तो रोशनी है जीवन के हर मोड़ पर, तेरी ही बंदगी है दिल की आंँखों से देखूंँ, बस तुझको हरदम तू ही मेरा सहारा है, तू ही मेरा हमदम -मोती