"कल्पना की हवा-हवाई...
में कहां खो गए हम,
"कल्पना ए-मन की...
हवा-हवाई में खो गए हम,,
"ये तन हीरा मिला कहां...
ये मन के डगर खो गए हम,
"ये मेरा हुआ � read more >>
तू रहता कण-
कण में अविनाशी"!
"तू ही है तन-
मन में अविनाशी"!
"तेरे बिना जीवन-
का अस्तित्व ही क्या"!?
"तू ही जड़-
चेतन स्वयं विधाता"....!!!!
-मोती read more >>
"तुम एक एहसास की-
तरह मेरे दिल में बसी है"!
"तुम्हारी याद-
यहीं मेरे ज़ीने का सबब है"!
"इस जहां में खोई-
कहां ये दिल दिवाना ढूंढे तुझे"!!
"� read more >>
"ये मीठी-मीठी-
तरंग उठती है मेरे दिल में"!
"ये तेरी एहसास-
नैन मिलते ही मेरे दिल में"!
"ये नाता है जन्मों-
जन्मों का मेरा तुम्हारा लगता है read more >>
"माशूक़ा की-
बांहों में जीवन है एक उत्सव"!
"आशिक़ को हर-
ये मंज़र लगता है एक उत्सव"!
"महोब्बत ज़िंदगी-
से हो ज़िंदगी है एक उत्सव"!!
"वहां � read more >>