मोती लाल साहु 31 Oct 2023 शायरी समाजिक कहां खो गए हम 40266 0 Hindi :: हिंदी
"कल्पना की हवा-हवाई... में कहां खो गए हम, "कल्पना ए-मन की... हवा-हवाई में खो गए हम,, "ये तन हीरा मिला कहां... ये मन के डगर खो गए हम, "ये मेरा हुआ न तेरा... देख कहां खो गए हम!!!!!!" -मोती