खिदमत में पेश है!
जहां के-
इस सफ़र में फ़िरा,
करते हैं मुकाम वाले भी,,
चाह हो दिल में-
अगर गैब-ए-इल्म की,,
खुद-ब-खुद-
राह इनायत होते हैं,,
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एक बीज को-
इंतजार है धरती का,
पानी का-सूरज की गर्मी का
और ऋतु का-
फिर अपने आप,
जीवन पनपने को आतुर है
जीवन-
का तत्व जो बीच के अंदर है,
यह ज read more >>