अधरों तक ही रह गई, दिल की वह मधु बात।
करने से पहले वफा, करदी जानम रात।।
अधरों तक ही रह गई,हुस्न परी का प्यार।
किसी और की हो गई,हम से कर तकर read more >>
तुम मिलो या न मिलो, मुझे गम नहीं
पर यह सत्य है, तुम हीर से कम नहीं।
कब तक रोक पाओगी,
मेरा प्यार तेरे लिए ही है।
तुम नहीं जानती मेरी चाहत � read more >>
कुछ इस कदर जख्मों का सिलसिला शुरू हुआ है,
एक के बाद एक नए रूप में दस्तक दे रहा है।
सारे सपने रेत की महल की तरह बिखर गए,
दिल में एक आह सी कस� read more >>