ले जा बाबू ले जा, ले जा चाचा ताऊ।
यह दुनिया बाज़ार, यहां हर चीज़ बिकाऊ।
यदि जुलूस निकलता है, तो भीड़ बिकती है।
जनाज़े में, रोने वालों की � read more >>
कल का पता न पल का पता, बांधता मन-मन की।
जवानी के झाग झांवर गए, रेनी मैली भवन की।
ठान खोदता, आन अज़माता, सुध न रही कंचन तन की।
तेरा, मेरा मिट read more >>
इस मामले में, मैं ग़रीब हूं।
मेरे पास, छल-कपट की दुकान नहीं है।।
हड़पी हुई, जायदाद भी नहीं है।
मेरे पास, बेईमानी की खदान नहीं है।
ढोंग- प� read more >>
मैं, हर उस शख़्स को, नमन करता हूं।
उस बेटे को, जो बुढ़ापे में, मां-बाप से बतलाता है।
उस भाई को, जो भाई को, भाई कहकर बुलाता है।
उस पति को, जो प� read more >>