क्या लिखूं !मन मौन है !पर लिखने को भी मन बेचैन है!
उलझन है मेरी उसको मैं !
ना सुलझा सकी !
राह के एक पत्थर को भी मैं
ना हिला सकी दर्द से कराह� read more >>
कभी खुद से भी मिला करो
कभी अपने से भी बात किया करो! सबसे ना मुख मोड़ा! करो! हर पल सच की भी खबर रखा करो
यह तो सच है कि सच कहने वालों को भी सहन� read more >>