अब तो ख़ुशी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
आसूदगी के नाम पे कुछ भी नहीं रहा
सब लोग जी रहे हैं मशीनों के दौर में
अब आदमी के नाम पे कुछ भी नहीं रह� read more >>
खुद को इतना भी मत सताया
करो !कभी खुलकर अपनी बात भी बताया करो!
चांद देगा! नहीं !तोड़कर तुझे कोई !यह बात भी कभी मुझे तुम समझाया करो! देख कर म� read more >>
यह संघर्ष का समय भी देखो! अब निकल जाएगा!
कुछ समय जो मेरे हाथों से! निकल चुकी है!
देखो !वह वापस आ जाएगा! समय कि! फितरत है! कि वह एक सी रहती नही read more >>