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कि चुपचाप बैठे देखते रहे यहाँ होता रहा शोषण नारियों का । अपनी मर्दानगी पर लज्जा नहीं आती निरस्त्र करते अपमान नारियों का । read more >>
सांझ ढले ,तो घर आना तुम, कई उम्मीदों को, फ़िर लाना तुम। छुट रहे ,उन रिस्तो की डोर को, फ़िर मजबूती से, बंध जाना तुम। साँझ ढले तो ,घर आना त� read more >>
ये बारिश का मौसम भी क्या रंग लाया कहीं खुशियों का मंजर तो कहीं गम का साया, कहीं कोयल की कू कू कहीं सावन की मस्ती, कहीं पानी में डूबी गरीब� read more >>
भूल होने से पहले मुझे रोक लेना तेरा ही सहारा हैं मुझसे मुंह ना फेरना तेरा दिल इतना बड़ा माफ मुझको करना तेरे दर पे आए हैं यूं खाली ना भे read more >>
दिल तो मेरा तूने दुखाया था जब तूने मुझसे मुंह फेरा था दर्द भी अब मुझको ही क्यों हो रहा जब दिल तुझसे दूर जाने को तैयार रहा रिश्ता दिलो� read more >>
मां बाप का वह प्यारा, जो मां बाप का बने सहारा, ऐसे बेटे बेटी को संसार प्यार करेगा सारा, जो अपने कर्मों से सब को सुख दे न्यारा। ईमानदार मे read more >>
मुद्दत बाद सफ़र मिला हैं..जिंदगी तू अब ठहर मत चलते रहे बस उसी रास्ते..गिन तू अब शहर मत...! जो गुजर रहा हैं उसे बस..अब गुजरने दे तू हंसी ख़ read more >>
कविता = ( कोख ) कोख में अपनी माँ मेरी हमको देती मार ! नारी नर्क से निकाल के हमको कर देती उद्धार !! श्राप ग्रस्त इस योनि से हमको देती तार ! हम read more >>
कविता = ( कोख ) कोख में अपनी माँ मेरी हमको देती मार ! नारी नर्क से निकाल के हमको कर देती उद्धार !! श्राप ग्रस्त इस योनि से हमको देती तार ! हम read more >>
तुम्हारा पत्र... अक्सर मुझे यादों की तरफ खींचती है। जी हां, बहुत ही पुरानी यादें। जो हमारी मोहब्बत से जुड़ी हुई है। तुम्हारा पत्र... जि� read more >>
मैं हूँ घड़ी आलापन घड़ी ट्रिन- ट्रिन - ट्रिन - ट्रिन.... बजती हूँ। प्रातःकाले सभी जनो को मैं ही उठाया करती हूं। उठ जाओ - उठ जाओ भानू! अपनी � read more >>
विरह वार में जलते जलते मैंने जीना सीख लिया । सपनों की कलियां ना टूटी नहीं मिला मन चंदन अरण्य बना जीवन धन छूट गया मन आंगन कहीं प्रभात न read more >>
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