मौसम का आज मिजाज बदला है,
जीने का अंदाज बदला है।
फूल से खिले है चारों ओर ऐसे,
दिवाली के दीप हो जैसे।
मौसम का आज मिजाज बदला है,
जीने का अं� read more >>
राह से भटका मुसाफिर सा हो गया हूं , मैं कहीं खो गया हूं
अपनो में ही गुम हो गया हूं, मैं कहीं खो गया हूं
गाड़ी का पांचवा पहिया हो गया हूं , � read more >>
महारथी हो रथारूड़, चक्रव्यूह में चक्कर काट रहा।
एक से बढ़कर एक कायर, कपटी, कोई न किसी से घाट रहा।
हिन -हिन करते अश्व, पहिए घरर -घरर करते थ� read more >>