सावन आया झूम कर, गरीब की झोपड़ी बहा ले गया ढूंढ कर, घर में पानी टपका छत तोड़कर, सड़कें सावन ने पानी से भर दी दिल खोल कर।
सरकार की पोल खोल द read more >>
बिन कहे हर बात जान लेती है,
मुझ पर आई हर मुसीबत से लड़ लेती है।
आंचल में भरकर दुलार भी कर लेती है,
करुं जो शरारत तो फटकार भी लेती है।
इतना read more >>