हवाएं भी बेरुखी सी थी और मौसम भी नाराज था
लग रहा था कि जैसे ये
मेरी तबाही का साज था
पर एक बादल घुमड़ कर ऐसा बरसा मुझ पर
कि मैने जाना ये त� read more >>
(मुक्तक छंद)
हलचल दिल में हो रही,मधुर मधुर अहसास।
उससे मिलने की तड़प, उसकी ही है प्यास।
पलपल मेरे याद में, आती रहती यार_
यौवन में है सादग� read more >>
(मुक्तक छंद)
पायल सुर की सुन खनक, आशिक सारे मस्त।
गाते नगमा झूम के, उल्फत होती सख्त।
गोरी लगती अप्सरा, करती है आकर्ष_
उसकी लब जब बोलती, ह� read more >>