(रोला छंद)
आया बचपन याद,खुशी से मैं तब झूमा।
एक एक कर याद,सभी ने मुझको चूमा।।
उस दिन के स्कूल,जहां करता था मस्ती।
बच्चों से अनुराग,और था � read more >>
बादल छाए घने, बरस रही है बूंदें,
गरजती है बिजली, चमक रही है बिजली ।
मन में आई है आनंद की भरमार,
सावन की रातों में, खुशियों की बहार।
पानी क� read more >>